قُلۡ يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡكَٰفِرُونَ (1)
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों
سُوْرَةُ الْكَافِرُوْنَ
The Disbelievers
अनुवाद: Suhel Farooq Khan & Saifur Rahman Nadwi
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
قُلۡ يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡكَٰفِرُونَ (1)
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों
لَآ أَعۡبُدُ مَا تَعۡبُدُونَ (2)
तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता
وَلَآ أَنتُمۡ عَٰبِدُونَ مَآ أَعۡبُدُ (3)
और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते
وَلَآ أَنَا۠ عَابِدࣱ مَّا عَبَدتُّمۡ (4)
और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं
وَلَآ أَنتُمۡ عَٰبِدُونَ مَآ أَعۡبُدُ (5)
और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं
لَكُمۡ دِينُكُمۡ وَلِيَ دِينِ (6)
तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन