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سُوْرَةُ النَّاسِ

Surah An-Nas

Mankind

114 / 1146 आयतेंमक्की

अनुवाद: Suhel Farooq Khan & Saifur Rahman Nadwi

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

قُلۡ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلنَّاسِ (1)

(ऐ रसूल) तुम कह दो मैं लोगों के परवरदिगार

مَلِكِ ٱلنَّاسِ (2)

लोगों के बादशाह

إِلَٰهِ ٱلنَّاسِ (3)

लोगों के माबूद की (शैतानी)

مِن شَرِّ ٱلۡوَسۡوَاسِ ٱلۡخَنَّاسِ (4)

वसवसे की बुराई से पनाह माँगता हूँ

ٱلَّذِي يُوَسۡوِسُ فِي صُدُورِ ٱلنَّاسِ (5)

जो (ख़ुदा के नाम से) पीछे हट जाता है जो लोगों के दिलों में वसवसे डाला करता है

مِنَ ٱلۡجِنَّةِ وَٱلنَّاسِ (6)

जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से