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سُوْرَةُ الْهُمَزَةِ

Surah Al-Humazah

The Traducer

104 / 1149 आयतेंमक्की

अनुवाद: Suhel Farooq Khan & Saifur Rahman Nadwi

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

وَيۡلࣱ لِّكُلِّ هُمَزَةࣲ لُّمَزَةٍ (1)

हर ताना देने वाले चुग़लख़ोर की ख़राबी है

ٱلَّذِي جَمَعَ مَالࣰ ا وَعَدَّدَهُۥ (2)

जो माल को जमा करता है और गिन गिन कर रखता है

يَحۡسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخۡلَدَهُۥ (3)

वह समझता है कि उसका माल उसे हमेशा ज़िन्दा बाक़ी रखेगा

كَلَّاۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِي ٱلۡحُطَمَةِ (4)

हरगिज़ नहीं वह तो ज़रूर हुतमा में डाला जाएगा

وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡحُطَمَةُ (5)

और तुमको क्या मालूम हतमा क्या है

نَارُ ٱللَّهِ ٱلۡمُوقَدَةُ (6)

वह ख़ुदा की भड़काई हुई आग है जो (तलवे से लगी तो) दिलों तक चढ़ जाएगी

ٱلَّتِي تَطَّلِعُ عَلَى ٱلۡأَفۡـِٔدَةِ (7)

ये लोग आग के लम्बे सुतूनो

إِنَّهَا عَلَيۡهِم مُّؤۡصَدَةࣱ‏ (8)

में डाल कर बन्द कर दिए

فِي عَمَدࣲ مُّمَدَّدَةِۭ (9)

जाएँगे