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سُوْرَةُ الْفِيْلِ

Surah Al-Fil

The Elephant

105 / 1145 आयतेंमक्की

अनुवाद: Suhel Farooq Khan & Saifur Rahman Nadwi

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

أَلَمۡ تَرَ كَيۡفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصۡحَٰبِ ٱلۡفِيلِ (1)

ऐ रसूल क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे परवरदिगार ने हाथी वालों के साथ क्या किया

أَلَمۡ يَجۡعَلۡ كَيۡدَهُمۡ فِي تَضۡلِيلࣲ‏ (2)

क्या उसने उनकी तमाम तद्बीरें ग़लत नहीं कर दीं (ज़रूर)

وَأَرۡسَلَ عَلَيۡهِمۡ طَيۡرًا أَبَابِيلَ (3)

और उन पर झुन्ड की झुन्ड चिड़ियाँ भेज दीं

تَرۡمِيهِم بِحِجَارَةࣲ مِّن سِجِّيلࣲ‏ (4)

जो उन पर खरन्जों की कंकरियाँ फेकती थीं

فَجَعَلَهُمۡ كَعَصۡفࣲ مَّأۡكُولِۭ (5)

तो उन्हें चबाए हुए भूस की (तबाह) कर दिया