لِإِيلَٰفِ قُرَيۡشٍ (1)
चूँकि क़ुरैश को जाड़े और गर्मी के सफ़र से मानूस कर दिया है
سُوْرَةُ قُرَيْشٍ
Quraysh
अनुवाद: Suhel Farooq Khan & Saifur Rahman Nadwi
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
لِإِيلَٰفِ قُرَيۡشٍ (1)
चूँकि क़ुरैश को जाड़े और गर्मी के सफ़र से मानूस कर दिया है
إِۦلَٰفِهِمۡ رِحۡلَةَ ٱلشِّتَآءِ وَٱلصَّيۡفِ (2)
तो उनको मानूस कर देने की वजह से
فَلۡيَعۡبُدُواْ رَبَّ هَٰذَا ٱلۡبَيۡتِ (3)
इस घर (काबा) के मालिक की इबादत करनी चाहिए
ٱلَّذِيٓ أَطۡعَمَهُم مِّن جُوعࣲ وَءَامَنَهُم مِّنۡ خَوۡفِۭ (4)
जिसने उनको भूख में खाना दिया और उनको खौफ़ से अमन अता किया